Pehchan

Viewing 2 reply threads
  • Pehchan

    • जब से तुम जिंदगी में आए जिंदगी बदल गई खामोश सूनी जिंदगी सर गम में ढल गई सोचा न था जिंदगी में कोई तुम सा भी आएगा दिल में बिठा के प्यार का मंदिर बनाएगा तुम मिल गए मेरी तकदीर संवर गई हसरत में डूबी चाहत को राहत की जमीन तुमसे मिली बावरा मन विकल न रहा गम भी कितने थे मगर खुशियों में ढल गयी

      D Singh
      Reply
    • जब से तुम जिंदगी में आए ,जिंदगी बदल गई
      खामोश सूनी जिंदगी सरगम में ढल गई

      सोचा न था जिंदगी में कोई ,
      तुम सा भी आएगा
      दिल में बिठा के प्यार का
      मंदिर बनाएगा
      तुम मिल गए मेरी तकदीर संवर गई

      हसरत में डूबी चाहत को राहत की जमीन तुमसे मिली
      बावरा मन बेकल न रहा ,
      ग़म भी कितने थे मगर खुशियों में ढल गई

      D Singh
      Reply
    • written beautifully

      Anonymous
      Reply
Viewing 2 reply threads
Reply To: Pehchan
Your information:



Login

Lost your password?